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साहित्य का सितारा रिफ़अत सरोश

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 जन्मशती पर विशेष साहित्य का सितारा रिफ़अत सरोश  डॉ. शेख़ नगीनवी  उत्तर प्रदेश में जनपद बिजनौर की धरती ने अनेक ऐसी महान विभूतियों को जन्म दिया है जिन्होंने प्रदेश में ही नहीं बल्कि भारत और सीमा पार भी अपनी प्रतिभा से जनपद बिजनौर का नाम  रोशन किया है। साहित्य के क्षितिज पर रिफत सरोश ऐसा नाम है जिसने उर्दू हिंदी दोनों भाषाओं में साहित्य सृजन कर अपने क़लम का लोहा मनवाया । रिफअत सरोश ऐसे प्रतिभाशाली साहित्यकार थे कि उनके जीवन में भी और जीवन के बाद भी उनकी शख्सियत और उनके द्वारा किए गए काव्य व साहित्य सृजन पर शोध किया जा रहा है और पुस्तकें प्रकाशित हो रहीं हैं। रिफ़‌अत सरोश ने शायर, कवि, लेखक, उपन्यासकार, कहानीकार, नाटककार, ओपेरा लेखक, पत्रकार और प्रसारणकर्ता के रुप में नाम रोशन किया।    आज से सौ बरस पहले 2 जनवरी 1926 को जनपद बिजनौर के शहर नगीना में मुहल्ला लुहारी सराय के सय्यद मुहम्मद अली व कनीज़ फातिमा के यहां सय्यद शौकत अली का जन्म हुआ। प्रारम्भिक शिक्षा नगीना के जामा मस्जिद मदरसा, एम बी स्कूल, जार्ज हिन्दू पब्लिक स्कूल में हुई, उसके बाद बंबई से भाषा रत्न स्न...

नजीबुदृोला का किला

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आचार्य आरएन केला

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दुष्यंत कुमार

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 नृत्य कला अभिनय में अन्तर्राष्ट्रीय पहचान बनी -जोहरा सहगल                         - -नजीबाबाद के नबाब नजीबुद्दौला के परिवार से जुड़ी थी जोहरा                       -रूढ़ीवाद की दीवार लांघकर अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन ----------------------------------------रूढ़ीवादी मुस्लिम परिवार में जन्मी विश्व की ख्याति प्राप्त भारतीय अभिनेत्री व नृत्यांगना जोहरा सहगल का संबंध नजीबाबाद के नबाब नजीबुद्दौला के परिवार से रहा है यह बात बहुत कम लोग जानते हैं। जोहरा सहगल संभवतया भारत की पहली  अभिनेत्री व नृत्यांगना है जिसे अपने अभिनय, नृत्य, कला से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।       इतिहास में झांकें तो पता चला नजीबाबाद को बसाने वाले नबाब नजीबुद्दौला के वंशज नबाब जलालुद्दीन के परिवार से संबंध रखने वाले मुमताजुल्लाह व नटिका बेगम के घर जन्मी जोहरा सहगल का  बचपन का नाम साहिबजादी जोहरा मुमतुल्लाह खान बेगम था। मां की ओर से नबाब नजीबुद्दौला व पिता की ...

नजीबाबाद के केदार

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 सावन  माह पर भगवान शिव पर विशेष                    -===================देव भूमि उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर करोड़ों सनातनियों की आस्था , श्रद्धा व विश्वास का प्रतीक है। वर्ष में लाखों श्रद्धालु दुर्गम मार्ग की चढ़ाई कर , कष्ट उठाकर केदारनाथ मंदिर में भोलेनाथ के शिवलिंग के दर्शन करते हैं। और असंख्य ऐसे भी हैं जो उम्र,शरीर, आर्थिक कमजोरी के कारण केदारनाथ मंदिर नहीं जा पाते उनके सपने दफन हो जाते हैं । नजीबाबाद के एक पुजारी को  केदारनाथ मंदिर में बहुत बड़ी आस्था है। उन्होंने नजीबाबाद नगर में  प्राचीन शिव मंदिर को ही केदारनाथ मंदिर के रूप में स्थापित कर दिया। नजीबाबाद का केदारनाथ मंदिर की आकृति वाला शिव मंदिर आज शिव भक्तों के आकर्षण का केन्द्र बन गया जहां  ओम नमः शिवाय व घंटे की आवाज की गूंज दूर तक सुनाई देती है। जन सहयोग से बने इस भव्य, आकर्षक  प्राचीन शिव मंदिर में सोमवार व त्रयोदशी पर विशेष पूजा, रूद्राभिषेक , प्रतिदिन अन्न श्रेत्र में लंगर चलता है । सैकड़ों शिव भक्त केदारनाथ मंदिर ना जाकर व...

महाभारत का युद्ध और स्त्रियों का नगर

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