ओमदत्त आर्य
किरतपुर के पास के ग्राम अब्दुल फजलपुर में 31 जुलाई 1940 में जन्में ओमदत्त आर्य बिजनौर की भाषा और बिजनौर की ग्रामीण भाषा के शब्द संचय का ऐसा कार्य किया , शायद ही कोई कर पाएं। वे अपने शोध के लिए गांव− गांव गए।ग्रामीण शब्द जाने । उन्हें संग्रहित किया । इसका नाम है− बिजनौर क्षेत्र की ग्रामोद्योग-संबंधी शब्दावली का अध्ययन। इसमें दुर्लभ शब्द संग्रह है। आज तो इन्में से काफी शब्द विलुप्त हो गए होंगे। एक बात और आर्य जी मेरे से दस साल बड़े है किंतु जब भी मिले मित्रवत प्यार दिया।लगभग एक साल पूर्व मेरा इनसे मिलने का मन हुआ। नई बस्ती में कर्बला के पास बने इनके घर पंहुच गया। इनके बेटे चारूदत्त ने बताया कि दो साल से इनकी स्मृति नही हैं। मेरी जानकारी मिलने पर आर्य जी आए। बात करते रहे फिर अपनी पुस्तक लेकर आए। बेटे चारू से कहने लगे कि इनका नाम लिख दो। मैंने चारू को मना कर दिया। कहाकि नाम खुद लिखो।आर्य जी ने अपनी याद से मेरा नाम लि...