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गुर्टू फॅमिली हिस्ट्री
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आदरणीय श्री प्रद्युम्न कृष्ण गुर्टू मेरे पिता थे जो 85 वर्ष की आयु तक बिजनौर के अपने पैत्रिक निवास में ही रहे | उनका हृदय एक चित्रकार का था इसीलिए उन्होंने अपने जीवन यापन का साधन फोटोग्राफी अपनाया और जीवन पर्यंत वह उसी में लगे रहे | शहर के अन्य कलात्मक कार्यक्रमों जैसे कवि सम्मेलनों , मुशायरो और ड्रामें आदि के प्रति उनकी रुचियाँ थी जिन्हें वह बिजनौर में संपन्न करवाया करते थे | इसका मैं प्रत्यक्ष गवाह रहा हूँ | हॉकी उनका प्रिय खेल था , उसके टूर्नामेंट बिजनौर में वही आयोजित करवाया करते थे | प्रसिद्ध खिलाड़ी बाबू के डी सिंह को उन्होंने बिजनौर आने का नियंत्रण दिया था और वह बिजनौर आए भी थे जिनकी मेजबानी गुर्टू साहब ने ही की थी और वे गुर्टू साहब के द्वारा चुने हाकी टीम में से झम्मन लाल शर्मा को जो उस समय बिजनौर में अपने खेल का अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे अपने साथ ले गए और भारतीय हॉकी टीम में शामिल किया जिन्होंने बाद में भारत की तरफ से ओलम्पिक में भी भाग लिया था ,| गुर्टू साहब हॉकी में एक कुशल रेफ़री के रूप में जाने जाते रहे थे | मुझे याद है जब 1962 में पहलीबार श्रीलंका की ल...
रानी फूल कुमारी ने 84 साल पहले बनवाया था शेरकोट का पुल
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सिख धर्म संस्थापक व प्रथम गुरु के कदम पड़े थे नजीबाबाद
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: फोटो 1- गुरु नानक देव जी 2-नजीबाबाद का ऐतिहासिक गुरुद्वारा 3- गुरुद्वारा में स्थित गुरु गद्दी दरबार 4- गुरुद्वारा के नये भवन का ले आऊट [ -देश की आजादी के बाद बना था श्री गुरुद्वारा नानक शाही - भव्य व आकर्षक गुरुद्वारा भवन में मिलेगी जरूरी सुविधा बिजनौर। ईश्वर एक है, समानता, भाईचारे व मिल बांटकर खाने का सिद्धांत मानने वाले सिक्ख धर्म के पहले गुरू नानक देव के पवित्र पांव जिस जमीन पर पड़े वहां पर गुरु गद्दी स्थापित कर बनाए गये गुरुद्वारे को अब आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण नया भवन मिलने जा रहा है। नजीबाबाद के इस ऐतिहासिक, धार्मिक गुरूद्वारे पर अब 3-4 करोड़ रूपया व्यय कर अधिक भव्य बनाया जा रहा है। यह भवन दो तीन वर्ष में बनकर तैयार होगा। मान्यता है सिख धर्म के संस्थापक व प्रथम गुरु नानक देव जी ने समाज में सुधार लाने,आपसी सद्भाव ...