नजीबाबाद तहसील के गांव छितावर मे असगर अली की हत्या 1857 मे उथल पुथल
1857 का विद्रोह भारतीय इतिहास का ऐसा दौर था जिसमें अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ साथ स्थानीय सत्ता संघर्ष, पुरानी रंजिशें और सामाजिक तनाव अनेकों स्थानों पर हिंसक रूप में सामने आए बिजनौर भी इन घटनाओं से अछूता नहीं रहा था एतिहासिक घटनाओं में छितावर का वह प्रसंग शामिल है जिसका उल्लेख सर सैयद अहमद खाँ की पुस्तक तारीख़-ए-सरकशी-ए-जिला बिजनौर के चौथे अध्याय के तीसरे उपखंड में छितावर से जुड़ी एक गंभीर घटना का विवरण मिलता है। 8 अगस्त 1857 छितावर गांव में असगर अली नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी लेखक ने असगर अली को एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में वर्णित कर उल्लेख किया है कि उनके तथा हत्या करने वालों के बीच लंबे समय से दुश्मनी चली आ रही थी हत्या के बाद असगर अली के शव को पैर से रस्सी बांधकर घसीटा भी गया था उस दौर किरतपुर से सिसौना साहबपुरा तक गांव मे उथल पुथल मची हुई थी शहर से गावों तक सत्ता और प्रशासन को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच संघर्ष चल रहे थे नजीबाबाद के नवाब नवाब महमूद खाँ स्थानीय चौधरियों और दूसरे प्रभावशाली पक्षों के बीच हुए टकरावों का भी विवरण मिलता है। उस दौ...