बिजनौर में कबड्डी-कुशल पाल सिंह
इस दस्तावेज़ के आधार पर बिजनौर में कबड्डी के इतिहास, प्रमुख खिलाड़ियों, महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं और जिला कबड्डी संघ के उतार-चढ़ाव की पूरी कहानी नीचे दी गई है: बिजनौर में कबड्डी की शुरुआत और शुरुआती दौर भौगोलिक संबंध : गंगा नदी के किनारे बसे बिजनौर जिले का कबड्डी खेल से बेहद गहरा नाता रहा है। शुरुआती स्वरूप : शुरुआत में इस खेल के लिए किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं होती थी; जमीन पर पाला (लाइन) खींचकर खिलाड़ी दो हिस्सों में बंटकर खेल शुरू कर देते थे। स्थानीय आयोजन : आरम्भ में यह खेल ग्रामीण मेलों, तीज-त्योहारों, गांवों और कस्बों में स्थानीय स्तर पर खेला जाता था। धीरे-धीरे इसने प्रतियोगिता का रूप ले लिया, जहाँ एक गांव या कस्बे की टीम दूसरे स्थान की टीम से मुकाबला करती थी। चांदपुर का विशेष स्थान : जिले की कबड्डी में चांदपुर का हमेशा से विशेष स्थान रहा। इसके पास स्थित ईस्माइलपुर गांव के पुराने प्रसिद्ध खिलाड़ियों में स्वर्गीय भारत सिंह, स्वर्गीय जोरावर सिंह, स्वर्गीय हरपाल सिंह, स्वर्गीय रोहताश सिंह, स्वर्गीय गुलाब सिंह और स्वर्गीय जमीर मियां शामिल थे, जिनक...