शेख नगीनवी
शेख़ नगीनवी : बिजनौर की गंगा-जमुनी तहज़ीब के सच्चे अमीन। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर बसा बिजनौर जनपद साहित्य और संस्कृति की दृष्टि से बेहद समृद्ध रहा है। इसी जनपद के नगीना क्षेत्र से एक ऐसी शख्सियत उभरी जिसने अपनी क़लम और शोध से पूरे इलाक़े की उर्दू विरासत को न सिर्फ बचाया, बल्कि उसे राष्ट्रीय पटल पर पहचान भी दिलाई। ये शख्सियत हैं #डॉ. शेख नगीनवी । उर्दू और हिंदी दोनों भाषाओं पर बराबर पकड़ रखने वाले डॉ. शेख़ नगीनवी साहब गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाषाई एकता, आपसी सम्मान और राष्ट्रीय एकता के झंडाबरदार हैं। उनके नज़दीक ज़बानें एक-दूसरे से दूरी पैदा करने के बजाय इंसानों को एक-दूसरे के क़रीब लाने का ज़रिया हैं। यही सोच उनकी अदबी और शोध-परक कोशिशों में भी साफ़ नज़र आती है। बेहद सम्मानित उर्दू साहित्यकार, शोधकर्ता, लेखक, समीक्षक शेख़ नगीनवी का जन्म 11 जनवरी 1973 को नगीना के मध्य वर्गीय मुहम्मद राकि़म के यहां हुआ। उनका असल नाम मोहम्मद अरशद है, जबकि वह शेख नगीनवी के उपनाम से साहित्य जगत में परिचित है। उनकी...