संदीप शर्मा
आपकी शिक्षा-दीक्षा बिजनौर और मुरादाबाद में
हुयी।मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करते ही वे धामपुर शुगर मिल्स,में प्रशिक्षु इंजीनियर के रूप में कार्यरत हो गये। यहाँ से प्रारंभ हुआ उनका कार्यानुभव।मिल प्रशासन ने उनके कार्य
करने के ढंग,कार्य के प्रति निष्ठा और समर्पण को जाँचा-परखा
और अपने लिये अति उपयोगी माना और उन्हें प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में मंसूरपुर इकाई
भेज दिया।आपकी प्रतिभा और दक्षता की परीक्षा का
यह समय आपके कैरियर का टर्निंग पाॅइंट कहा जा सकता है।
आप में असीमित संभावनायें मालिकों की नज़र
में आ गयीं। रोज़ागाँव(बाराबंकी),
असमोली (संभल), काशीपुर और रजपुरा (बदायूँ) की इकाइयाँ
आपने अपने निर्देशन में लगवायीं और सुचारु रूप से चलवायीं।चलवायीं। आप गत छियालीस
वर्ष से धामपुर शुगर मिल्स (डी.एस.एम.समूह) से परिवार के सदस के रूप में जुड़े हुये
हैं।
आपके शुगर इंडस्ट्रीज के प्रशासनिक गुरु स्व.कुँ. विजय कुमार
गोयल,स्व.शोभाराम अग्रवाल,आर्थिक सुदृढ़ता सीखने में के गुरु स्व.जय प्रकाश शर्मा रहे,ऐसा वे मन से
मानते हैं। आपकी प्रतिभा,प्रज्ञा और ज्ञान आपके
सबसे बड़े संबल हैं। आप परिस्थितिजन्य निर्भीक
निर्णय लेने में पूर्णत: सक्षम हैं।आपकी क्षमताओं के कारण ही आपको समूह में इकाई प्रमुख,अधिशासी उपाध्यक्ष,अधिशासी अध्यक्ष
और सी.ओ.ओ. जैसे महत्त्वपूर्ण पदों के दायित्व-निर्वहन के कार्य लिये गये।
आपके जीवन में सबसे बड़ा चैलेंज था डी.एस.एम.
इकाई का दायित्व मिलते समय प्रशासन तंत्र की अस्तव्यस्त स्थिति, तथा प्रबंधकीय अनुशासन स्थापित करना। इतना ही नहीं,किसानों और मिल-प्रवंधन के बीच पनपे अविश्वास
को दूर करना। bl mn~ns’; esa vkius Jfed
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जागरूक नागरिक मंच धामपुर के संस्थापक अध्यक्ष
के रूप में मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि आपने सभी भयावह समस्याओं का समाधान
तलाशे और अपनी इकाई को पटरी पर डाला। आपने अपनी किसान-मित्र की छवि को स्वरूप प्रदान
किया।
संदीप शर्मा के व्यक्तित्त्व में श्रोताओं को प्रभावित करने की अद्भुत क्षमता है।इसने
आपके कैरियर को पंख दिये हैं।सामान्यत:इंजीनियरिंग क्षेत्र के लोगों को भाषागत समस्या
रहती है परंतु संदीप जी पर वाग्देवी की असीम कृपा है।हम इसे संप्रेषणीयता की शक्ति
कह सकते हैं।आप अपनी बात हिंदी,हिंदुस्तानी और अंग्रेजी
में सहजता से रखते हैं।प्रयोग नया लग सकता है परंतु मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि
कि कम्यूनिकेटिव भाषा का नाम हिंग्लिश है।
भारत में शुगर इंडस्ट्रीज के नये अध्याय को
आपने बड़े मनोयोग से अनुभव की पाठशाला में पढ़ा है।शुगर इंडस्ट्रीज का मतलब था-गन्ना,शीरा,खोई।आपने उ.प्र. में
सर्वप्रथम डी.एस.एम.एवम् उ.प्र.विद्युत निगम के मध्य M.O.U. कराके शुगर मिल्स को नवीकरण का एक रास्ता दिखाया।सल्फरफ्रीशुगर(धामप्योर),इंडस्ट्रियल एल्कोहल, एथनॉल,खाद आदि के उत्पादनों से शुगर मिल्स की इकनॉमी
को एक स्वर्णिम दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गन्ना कृषकों और शुगर मिल के
मध्य मैत्रीपूर्ण संबंध बनाये। आपके मन में शिक्षा,शिक्षक,खेल-कूद, पर्यावरण,सांस्कृतिक कार्यक्रमों
के प्रति सतत लगाव तथा सामाजिक। कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सदैव प्राथमिकता पर
रहीं। इसके प्रमाण हैं डी.एस.एम.पब्लिक स्कूल रुदौली (अयोध्या) और पुष्प निकेतन सीनियर
सेकेण्डरी स्कूल धामपुर।
धामपुर में डी.एस.एम.परिसर के अनेकानेक बार के पौधारोपण-कार्यक्रम तथा जागरूक नागरिक
मंच के माध्यम से धामपुर जंक्शन काॅलोनी एवं शकुंतला शिशु लोक में स्वतंत्रता दिवस
और गणतंत्र दिवस पर फलदार पौधों का रोपण उनकी पर्यावरण के प्रति जागरूकता का परिचायक
है।आपने डी.एस.एम.रोज़ागाँव के महाप्रबंधक के कार्यकाल में निकट के रेलवे स्टेशन-क्षेत्र
में हुयी रेलवे दुर्घटना में बीस लोगों की जान अपने सहयोगियों के तुरंत पहुँचकर बचायी
थी जिसको शासन-प्रशासन ने खूब सराहाथा।समाचार पत्रों ने भी पर्याप्त कवरेज
दिया।सड़क-सुरक्षा के प्रति गन्नाकृषकों तथा अन्य नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य
से आपने दुपहिया वाहनों के चालकों की सुरक्षा हेतु जागरूक नागरिक मंच धामपुर के माध्यम
से नगीना चौक,शीला टाॅकीज और पुलिस चौकी के पास शुगर मिल्स
तिराहे पर हैलमेट-वितरण कराकर सराहनीय कार्य किया।कार्यक्रम -ड्राइवरों को सीटबैल्ट
बाँधने के लिये पैम्फ्लेट्स बँटवाना और गाड़ियों पर स्टिकर भी चिपकवाये।गन्ना कृषकों
को ट्रालियों और बुग्गियों के पीछे प्रकाश से रात में चमकनेवाली लालपट्टी लगाना अनिवार्य
करना तथा ट्रक ड्राइवरों को ओवरलोडिंग से बचने को निर्देशित करना जैसे कदम आज के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण कहे जा सकते हैं।
इनडोर और आउटडोर खेल-कूद की सुविधाओं से सुसज्जित डी.एस.एम.का
स्पोर्ट्स स्टेडियम धामपुर की स्थापना और विकास आपके खेल-कूद के प्रति रुझान तथा विकास की
भावना का साक्षात प्रमाण है।
समाज सेवा के लिये बिजनौर बैराज पर अपनों
के अन्तिम संस्कार के समय उनके अपनों को आनेवाली
परेशानियों के निवारणार्थ एक शेड का निर्माण करवाय।इसका निर्णय अपने पिता जी की अरिष्टि
के बाद पगड़ी-संस्कार के बाद लिया था।इस कार्य को एक ट्रस्ट बनाकर कुछ ही दिनों में
अपने निजी स्रोतों से तैयार करवाया।वहाँ छाया है ,बैठने और विश्राम करने की सुविधा है।वहाँ आने वाले लोग खुले मन से बनानेवाले पर अपने आशीष वार्ता हैं।
संदीप शर्मा की पत्नी श्रीमती पूनम शर्मा
के त्याग जिसने अपने प्रिय पुत्र राहुल को
शैशव में हॉस्टल में रखकर पढ़ाने की हिम्मत
अपने पति को दी।बेटा राहुल,बेटी सोना,पुत्र वधु श्रीमती सची दीक्षित शर्मा और दामाद प्रिय सिद्धार्थ के सहयोग से परिवार का परिवेश आनंदमय बना हुआ है। संयोग देखिये कि बेटा पायलट कैप्टन-हवाई सेवा में,दामाद मर्चेंट नेवी-जल सेवा में और स्वयं संदीप शर्मा उद्योग
जगत में।
आपके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है
आपकी परखशक्ति। आपको परख है अपनी इंडस्ट्रीज के निष्ठावान और समर्पित व्यक्ति की।आपको
परख है ऐसे व्यक्तियों की जो दूसरों की निंदा के सहारे अपनी मिथ्या ईमानदारी का आडंबर
रचना चाहते हैं।आपके व्यक्तित्व में नापसंदिगी है चापलूस,परनिंदक और अवसरवादी लोगों से। हमारी दृष्टि में महात्मा
बिदुर की माटी बिजनौर के संदीप शर्मा हमारे एक दमकते सितारे हैं।
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