बिजनौर पर कविताएं

 


मेरे शहर, बिजनौर  
डॉ वंदना शर्मा  

ए मेरे शहर 'बिजनौर'  
तेरे बारे में दुनिया कुछ भी कहे  
पर मेरे लिए तू खास है  
तेरी गलियों में मेरा बचपन बीता  
वो सुनहरे दिन, वो स्कूल की यादें  
तेरे संग खेलकर मैं बड़ी हुई  
वक्त के तूफानों को दोनों ने झेला  
दुःख के झमेलों को, खुशी के ठिठोलों को  
बदलते रिश्तों को, निरन्तर परिवर्तन को  
दोनों ने साथ देखा हर समय  
तूने मुझे पहचान दी  
एक नई उड़ान दी  
जिन्दगी के कुछ खास लम्हें भी  
जिए तेरी गोद में  
कुछ यादें अनकही  
कुछ खुशबुएँ अनछुई  
कुछ अहसास पहली बार जिए  
कुछ सपने तेरे साथ बुने  
कुछ बरसातें बड़ी खास रही  
वो पहली दुआन प्यार की  
वो मीठी यादें टकरार की  
तेरे संग-संग तो जाना मैंने  
हर रंग जिन्दगी का पहचाना मैंने  
ए मेरे शहर, मेरे हमसफर  
तुझे है सलाम मेरा  
मेरी यादों में अमर रहेगा नाम तेरा...  

Vandna







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