जिलाधिकारी अनीस अंसारी का प्रेस नोट

​कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, बिजनौर।

दिनांक 13 सितम्बर19 81

​जिलाधिकारी की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 11-9-81 को श्री सत्यवीर सिंह आर्य, परगनाधिकारी, बिजनौर ने  मैसर्स लक्ष्मी देवी डी०-14, नई बस्ती बिजनौर जो कि सीमेन्ट की बोरी बनाने का लाईसेंस बताते हैं की आकस्मिक जाँच की। जाँच में पाया गया कि उक्त फर्म ने उद्योग निदेशालय से 500 बोरी सीमेन्ट का परमिट सीमेन्ट की बोरियाँ बनाने हेतु प्राप्त किया जिसमें केवल 57 बोरियाँ बची हैं। लगभग 105 बोरी सीमेन्ट का कोई हिसाब किताब फर्म द्वारा नही दिया जा सका। इस फर्म के लागू रिकार्ड गोदाम तथा नियन्त्रण कार्यालय में कुल मिलाकर 389 बोरी सीमेन्ट पाया गया जबकि स्टाक के अनुसार 350 बोरी सीमेन्ट होना चाहिये था। फर्म में कोई सेल रजिस्टर, बही खाता नही पाया और न खरीदार को बोरी बेचने का कैश मैमो या रसीद दी जाती है। सेल्स टैक्स विभाग के अन्तर्गत फर्म का रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया गया है। जाली बोरियाँ किसको बेची जाती हैं या असन्तुलित बेची गयी हैं इसकी जानकारी माँगी फर्म द्वारा नहीं दी गई है। एवं जाँच में यह निष्कर्ष निकलता है कि यह फर्म सीमेन्ट की बोरियाँ बनाने के नाम पर सीमेन्ट प्राप्त करती है परन्तु बोरियाँ न बनाकर काला बाजार में सीमेन्ट की बिक्री की जाती है। विभिन्न अनियमितताओं के आधार पर इस फर्म के मालिक श्री सुरेन्द्र कुमार गर्ग, जो पत्रकार भी हैं के विरूद्ध धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। श्री गर्ग फरार हैं इस कारण उनको गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पकड़े गये सीमेन्ट को सरकार के हक में जब्त करने के सम्बन्ध में कार्यवाही नियमानुसार शुरू कर दी गई है। उद्योग निदेशालय से अनुरोध किया जा रहा है कि इस फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त करें। सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया जा रहा है कि वह गम्भीरता से जाँच करें कि फर्म का वे किस सीमा तक नियमों का उल्लंघन किया तथा क्या कार्यवाही उनके विरूद्ध की जा सकती है।

​श्री अनीस अंसारी, जिलाधिकारी, बिजनौर ने बताया कि पहले जिला बिजनौर को शासन द्वारा एक त्रैमास के लिये 4,000 मैट्रिक टन सीमेन्ट का आवंटन होता था। वर्तमान त्रैमास से शासन ने यह कोटा घटाकर 2,000 मैट्रिक टन कर दिया है। इससे जाहिर है कि जिले की सीमेन्ट की वास्तविक आवश्यकता को देखते हुए सीमेन्ट की उपलब्धता कम है। ऐसी परिस्थितियों में जनता का यह उत्तरदायित्व हो जाता है कि वह सीमेन्ट को केवल सही कार्यों के लिये प्रयोग करें और उसको ब्लैक में बेच कर सीमेन्ट का दुरूपयोग न करें। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा कई बार अपील की जा चुकी है। अत्यन्त खेद की बात है कि जिले के असामाजिक तत्वों द्वारा इस अपील पर ध्यान नही दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सीमेन्ट का तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के वितरण में इस प्रकार की अनियमितता की जाती रही तो जिला प्रशासन को अधिक कड़े कदम उठाने के लिये बाध्य होना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने इस बात पर भी खेद प्रकट किया कि आवश्यक वस्तुओं के वितरण में ऐसी प्रकार के लोग भी अनियमितताएँ कर रहे हैं जो आमतौर से समाज में इज्जतदार शहरी समझे जाते हैं। इज्जतदार शहरियों से जिला प्रशासन अनियमितताएँ करने की अपेक्षा नहीं करता।

​दिनांक 11-9-81 को श्री सत्यवीर सिंह आर्य, परगनाधिकारी बिजनौर ने श्री सत्यपालसिंह पुत्र श्री रघुवीरसिंह निवासी छबापुर थाना चान्दपुर के मकान पर आकस्मिक चैकिंग की जिसके फलस्वरूप 56 बोरी खाण्डसारी अवैध रूप से रखी हुई पकड़ी गई। श्री सत्यपालसिंह ने उत्तर प्रदेश शूगर एण्ड गुड नियन्त्रण आर्डर 1962 के प्रविधानों का उल्लंघन किया है जिसके लिये धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत उनके विरूद्ध थाना चान्दपुर में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है और अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ी गई खाण्डसारी को जब्त करने के नियम अनुसार कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

​जिला सूचना अधिकारी, 





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