- भोलानाथ त्‍यागी

पत्रकारिता एवं साहित्‍य में समान रूप से चर्चित- भोलानाथ त्‍यागी का जन्‍म 4 नवंबर, 1953 में

 बिजनौर के सीकरी बुजुर्ग गांव में हुआ। भोलानाथ त्‍यागी - हिंदी एवं राजनीतिशास्‍त्र से एमए, 
एलएलबी, पीएचडी हैं। श्री त्‍यागी सात वर्ष की अल्‍पायु में ही पिता के साए से वंचित हो गए । 
लालनपालन और शिक्षा दीक्षा - पैजनियां (बिजनौर) में हुई। इनके नाना शिवचरण सिंह विख्‍यात 
स्‍वतंत्रता सेनानी एवं साहित्‍यप्रेमी थे - 

काकोरीकांड के अमर शहीदों का प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय शिवचरण सिंह त्यागी के 
गांव पैजनियां (बिजनौर) से गहरा रिश्ता रहा है। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी , रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, जैसे अमर शहीदों ने शिवचरण सिंह त्यागी के यहां , गांव पैजनियां में अज्ञात वास किया था। स्वर्गीय त्यागी एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने कभी सरकार से न पेंशन ली और न ही कोई अन्य लाभ। पैजनियां गांव को स्वतंत्रता आंदोलनकारियों का तीर्थ भी कहा जाता है। 
जिसके चलते, गणेश शंकर विद्यार्थी, मुंशी प्रेमचंद, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, जैनेंद्र कुमार जैन और बनारसी दास चतुवेर्दी जैसे लोगों का शिवचरण सिंह त्यागी के घर आना जाना लगा रहा।
भोलानाथ त्‍यागी को साहित्‍यिक अभिरूचि इसी परिवेश से मिली। कहानी, कविता, गीत, गजल, नाटक, लघुकथा, व्‍यंग्‍य, रिपोर्ताज आदि कई विधाओं में-श्री त्‍यागी समान रूप से लिखते आ रहे हैं। कई रचनाओं का रेडियो एवं दूरदर्शन पर भी प्रसारण किया जा चुका है। उनके ‘चंदनवन की राख’ एवं ‘द्रोणाचार्य का क्‍लोन’ नामक कथा संग्रह ने खासी प्रशंसा बटोरी।
- भोलानाथ त्‍यागी , 49 / ‘विनायकम’, इमलिया कैंपस, सिविल लाइन, बिजनौर (उत्‍तर प्रदेश)
फोन: 09456873005 / 09412567848 ईमेल:bholanathtyagi@gmail.coM

भोलानाथ त्यागी की फेसवाल से साभार 

Comments

Popular posts from this blog

हल्दौर रियासत

बिजनौर है जाहरवीर की ननसाल

तारीख ए सरकशे जिला बिजनौर लेखक सर सैयद अहमद खां