तीन बीघा में फैला है बरगद


 तीन बीघा में फैला है बरगद

गांव धीमपुरा में खड़ा बरगद का पेड़ एतिहासिक है।ये तीन बीघा जमीन में फैला है। मुख्य पेड़ और उसकी दूसरी पीढ़ी के बृक्ष खत्म हो है।अब इनकी तीसरी पीढ़ी है।बताया जाता है कि यह महाभारत कालीन वट बृक्ष है।मुख्य पेड़ की शाखा से निकलने वाली दाढ़ी टाइप की शाखायें अब मुख्य पेड़ का रूप ले चुकीं।
शाखा से लटकने वाले इस पेड़ की शाखाएं जमीन पर जाकर जड़ के रूप में विकसित हो चुकी हैं। शाखा पुरानी होकर पेड़ से टूट गईं, लेकिन जहां से नस्से जड़ के रूप में विकसित हुए थे, वे नए पेड़ के रूप में चल रहे हैं।
आज तक इसकी देखभाल और संरक्षण के लिए कुछ नही हुआ।
मुख्य तने के स्थान के पास एक कब्र बनी है।कब्र किसकी है,कितनी प्राचीन है,कोई नहीं जानता।
अशोक मधुप


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